Articles by Karuwaki
नवरात्रि का ५ वां दिन:मां स्कंदमाता
पहाड़ों पर रहकर सांसारिक जीवों में नवचेतना का निर्माण करने वालीं स्कंदमाता। नवरात्रि में पांचवें दिन इस देवी की पूजा-अर्चना की जाती है। कहते हैं कि इनकी कृपा से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाता है। स्कंद कुमार का…
नवरात्रि का ४ वां दिन:मां कुष्मांडा
नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के कुष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती है. मां कुष्मांडा की विधि विधान से पूजा करने से मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं. मान्यता है कि मां कुष्मांडा संसार को अनेक कष्टों और संकटों स…
नवरात्रि तीसरा दिन:मां चंद्रघंटा
नवरात्रि के तृतीय दिवस यानि तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. मां चंद्रघंटा को परम शांतिदायक और कल्याणकारी माना गया है. इनके मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है. इसीलिए इन्हें मां चंद्रघंटा कहा…
नवरात्रि का दूसरा दिन:मां ब्रह्मचारिणी
मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनंत फल देने वाला है। इनकी उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की …
नवरात्रि दिन १:माँ शैलपुत्री
मां दुर्गा को सर्वप्रथम शैलपुत्री के रूप में पूजा जाता है। हिमालय के वहां पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण उनका नामकरण हुआ शैलपुत्री। इनका वाहन वृषभ है, इसलिए यह देवी वृषारूढ़ा के नाम से भी जानी जाती है…
Mahalaya 2021: महालया महत्व व इतिहास
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।। शारदीय नवरात्रि की दुर्गा पूजा में महालया का विशेष स्थान होता है. महालया के दिन से ही दुर्गा पूजा का प्रारंभ होता है. बंगाल के …